मृत्यु के बाद आत्मा को क्यों दिया जाता है तर्पण?
जानिए मृत्यु के बाद आत्मा को तर्पण देने का वैज्ञानिक, वैदिक और आध्यात्मिक कारण। गरुड़ पुराण, ऋग्वेद के प्रमाण और आधुनिक शोध के साथ सम्पूर्ण जानकारी।
कर्म और पुनर्जन्म: कैसे तय होता है आपका अगला जन्म ?
कर्म और पुनर्जन्म का वैज्ञानिक और आध्यात्मिक सत्य। वेद, गीता, उपनिषद के प्रमाण सहित जानें कैसे तय होता है आपका अगला जन्म। शास्त्रीय श्लोक और आधुनिक शोध के साथ।
विज्ञान भी मानता है: गीता के ये उपाय स्ट्रेस और एंग्जाइटी को करते हैं...
जानिए कैसे श्रीमद्भगवद्गीता के दिव्य श्लोक मिनटों में आपका तनाव दूर कर सकते हैं। वेद, उपनिषद, आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान द्वारा प्रमाणित उपाय।
क्या आधुनिक विज्ञान वेदों की नकल कर रहा है ? चौंकाने वाले वैदिक तथ्य...
आधुनिक विज्ञान वेदों की नकल है, विज्ञान जिन सिद्धांतों को आज खोज रहा है, वे हजारों वर्ष पहले वेदों में वर्णित थे। जानिए आयुर्वेद, वास्तु, खगोल और गणित का सनातन रहस्य।
Vedas and Upanishads: सनातन ज्ञान की वैश्विक विरासत है वेद और उपनिषद
Vedas and Upanishads: वेद और उपनिषद भारत की आध्यात्मिक धरोहर ही नहीं, बल्कि वैश्विक मानवता के लिए चेतना, ज्ञान और आत्मबोध की अमूल्य विरासत हैं। जानें इनका सार।
मृत्यु का रहस्य और शास्त्रों के अनुसार मृत्यु (Death) आने के पूर्व संकेत
मृत्यु सृष्टि का अटल सत्य है, जिसे कोई टाल नहीं सकता। यह केवल जीवन का अंत नहीं, बल्कि एक अनिवार्य सत्य, एक यात्रा, या एक परिवर्तन के रूप में देखा जाता है। सनातन धर्म में मृत्यु (Death) को एक नए जीवन का प्रारंभ माना जाता है। इसे भयभीत होने की बजाय स्वीकार करने और आत्मिक उन्नति के लिए एक अवसर के रूप में देखा जाता है।
पुनर्जन्म (Reincarnation) के प्रमाण: क्या वैज्ञानिक शोध भी मानते हैं इसे ?
पुनर्जन्म (Reincarnation): पुनर्जन्म की अवधारणा अनादि काल से सनातन धर्म और अन्य आध्यात्मिक परंपराओं का हिस्सा रही है। पुनर्जन्म अर्थात आत्मा का एक शरीर त्यागकर दूसरे शरीर में प्रवेश करना, भारतीय दर्शन और धर्म का एक महत्वपूर्ण सिद्धांत है। लेकिन क्या विज्ञान भी पुनर्जन्म को मानता है? क्या पुनर्जन्म के कोई प्रमाण हैं? सनातन के पोस्ट में, हम पुनर्जन्म से जुड़े वैज्ञानिक शोध, रोचक तथ्य और इसकी सच्चाई को जानेंगे।
Surya Namaskar: सूर्य नमस्कार से आरोग्य और आध्यात्म की प्राप्ति
Surya Namaskar: सूर्य नमस्कार का शाब्दिक अर्थ सूर्य को नमस्कार या अर्पण करना होता है। सूर्य नमस्कार से संपूर्ण शरीर को आरोग्य , शक्ति और ऊर्जा की प्राप्ति होती है। सूर्य नमस्कार से शरीर की समस्त आंतरिक ग्रंथियों के Harmons (अंतः स्त्राव) की प्रक्रिया का नियमन होता है। सूर्य नमस्कार एक सर्वोत्तम Cardio Vascular व्यायाम भी है।
Yoga : योग से स्वस्थ जीवन और परमात्मा की प्राप्ति
योग Yoga – योग एक अध्यात्मिक प्रक्रिया है जिसमें शरीर और आत्मा (ध्यान ) को एकरूप करना ही योग है। एक पूर्ण जीवन शैली है। यह एक पूर्ण विज्ञान एवं अध्यात्म – विद्या हैं। योग व्यक्ति के निर्माण और उत्थान में ही नहीं , बल्कि परिवार , समाज , राष्ट्र और विश्व के चहुंमुखी विकास में भी यह उपयोगी सिद्ध हुआ है। वर्तमान में मानव समाज जिस तनाव , अशांति , अभाव एवं अज्ञान का शिकार है उसका समाधान केवल योग ही है। योग Yoga का हमारे वेदों , पुराणों , उपनिषदों एवम् गीता में अनादि काल से उपयोग होता रहा है।
Sanatan Dharma: भारतीय संस्कृति एवं हिन्दुत्व का मूल आधार है सनातन
Sanatan Dharma: सनातन धर्म को अपने हिन्दू धर्म के वैकल्पिक नाम से भी जाना जाता हैं। सनातन धर्म आदि और अनन्त काल से चला आ रहा हैं। यह किसी एक ऋषि, मनीषी या दार्शनिक के विचारों की उपज नहीं है। न ही यह किसी विशेष समय की उपज हैं। यह तो अनादि काल से चला आ रहा हैं।












