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Sunday, January 11, 2026
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    ध्यान

    ध्यान केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि आत्मा, मन और शरीर को संतुलित करने की प्राचीन भारतीय पद्धतियाँ हैं। इस श्रेणी में आप जानेंगे विभिन्न योग मार्गों जैसे हठ योग, राज योग, भक्ति योग, कर्म योग और ध्यान की विधियों – जैसे त्राटक, मंत्र ध्यान, विपश्यना, कुण्डलिनी जागरण आदि के बारे में। यहाँ हम योग के लाभ, प्राचीन ग्रंथों की शिक्षाएँ, ध्यान की वैज्ञानिकता और मानसिक शांति पाने के सरल उपाय प्रस्तुत करते हैं।

    Yoga

    Yoga : योग से स्वस्थ जीवन और परमात्मा की प्राप्ति

    योग Yoga – योग एक अध्यात्मिक प्रक्रिया है जिसमें शरीर और आत्मा (ध्यान ) को एकरूप करना ही योग है। एक पूर्ण जीवन शैली है। यह एक पूर्ण विज्ञान एवं अध्यात्म – विद्या हैं। योग व्यक्ति के निर्माण और उत्थान में ही नहीं , बल्कि परिवार , समाज , राष्ट्र और विश्व के चहुंमुखी विकास में भी यह उपयोगी सिद्ध हुआ है। वर्तमान में मानव समाज जिस तनाव , अशांति , अभाव एवं अज्ञान का शिकार है उसका समाधान केवल योग ही है। योग Yoga का हमारे वेदों , पुराणों , उपनिषदों एवम् गीता में अनादि काल से उपयोग होता रहा है।
    Surya Namaskar

    Surya Namaskar: सूर्य नमस्कार से आरोग्य और आध्यात्म की प्राप्ति

    Surya Namaskar: सूर्य नमस्कार का शाब्दिक अर्थ सूर्य को नमस्कार या अर्पण करना होता है। सूर्य नमस्कार से संपूर्ण शरीर को आरोग्य , शक्ति और ऊर्जा की प्राप्ति होती है। सूर्य नमस्कार से शरीर की समस्त आंतरिक ग्रंथियों के Harmons (अंतः स्त्राव) की प्रक्रिया का नियमन होता है। सूर्य नमस्कार एक सर्वोत्तम Cardio Vascular व्यायाम भी है।

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