पुनर्जन्म (Reincarnation) के प्रमाण: क्या वैज्ञानिक शोध भी मानते हैं इसे ?
पुनर्जन्म (Reincarnation): पुनर्जन्म की अवधारणा अनादि काल से सनातन धर्म और अन्य आध्यात्मिक परंपराओं का हिस्सा रही है। पुनर्जन्म अर्थात आत्मा का एक शरीर त्यागकर दूसरे शरीर में प्रवेश करना, भारतीय दर्शन और धर्म का एक महत्वपूर्ण सिद्धांत है। लेकिन क्या विज्ञान भी पुनर्जन्म को मानता है? क्या पुनर्जन्म के कोई प्रमाण हैं? सनातन के पोस्ट में, हम पुनर्जन्म से जुड़े वैज्ञानिक शोध, रोचक तथ्य और इसकी सच्चाई को जानेंगे।
पुष्कर (Pushkar) तीर्थ की अपार महिमा और रहस्य
सृष्टि के रचयिता ब्रह्मा जी की यज्ञस्थली और ऋषि मुनियों की तपस्थली पुष्कर को तीर्थराज पुष्कर कहा जाता हैं। पुष्कर तीर्थ सब तीर्थों का गुरू कहा जाता हैं। पुष्कर, कुरुक्षेत्र, हरिद्वार,गया और प्रयाग इन पञ्च तीर्थो में पुष्कर को सर्वाधिक पवित्र माना गया है।
Purnima: पूर्णिमा का आध्यात्मिक एवं वैज्ञानिक रहस्य और इसका अद्भुत महत्व
Purnima: पूर्णिमा, या पूर्णिमा का दिन, चंद्र मास की सबसे चमकदार रात होती है। "पूर्णिमा" शब्द संस्कृत के शब्दों "पूर्णोन्नम् (पूर्ण) जिसका अर्थ है पूरा या पूर्ण और "चंद्रमा (चंद्र) जिसका अर्थ है चंद्रमा से उत्पन्न हुआ है। इस दिन, चंद्रमा अपनी पूरी चमक में चमकता है, जो पूर्णता, ज्ञान और समृद्धि का प्रतीक है। पूर्णिमा, चंद्रमास की सबसे चमकदार रात होती है।
सोमनाथ(Somnath) का रहस्य : जहाँ शिवलिंग हवा में तैरता था।
सोमनाथ मन्दिर पर तुर्क आक्रांताओं ने 17 बार आक्रमण किए, उसको लुटा और हजारों हिन्दुओं का कत्लेआम किया फिर भी इसका वैभव कम नहीं हुआ। आक्रांता महमूद गजनवी ने सन् 1025 में मन्दिर पर आक्रमण किया। गजनवी ने मन्दिर की सम्पत्ति को लुटा और मन्दिर को नष्ट कर दिया। इस आक्रमण मे करीब 5000 की सेना के साथ गजनवी ने आक्रमण किया जिसमें मन्दिर की रक्षार्थ हजारों हिन्दुओं ने अपना बलीदान दिया। कहते हैं हमले के समय मन्दिर के दर्शनार्थी, पुजारी और आसपास के ग्रामीण हिन्दू निहत्थे थे। इतिहासकारों के अनुसार - राजा भीम और मालवा के राजा भोज ने इस मन्दिर का फिर से निर्माण कराया।
भारत में हिंदू मंदिरों पर ही सरकारी नियंत्रण असंवैधानिक एवं अन्यायपूर्ण
भारत में हिंदू मंदिर और उनकी संपत्ति और संपदा सरकार द्वारा नियंत्रित हैं। यह मुख्य रूप से उन प्रमुख/प्रसिद्ध हिंदू मंदिरों पर लागू होता है, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं और/या जो प्रसिद्ध तीर्थस्थल हैं और इस प्रकार हिंदू भक्तों के दान के माध्यम से बहुत अधिक धन अर्जित करते हैं। यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि किसी अन्य धर्म के धार्मिक स्थल/स्थल सरकार द्वारा नियंत्रित नहीं होते हैं। भारत में हिंदू मंदिरों पर ही सरकारी नियंत्रण है, यह पक्षपातपूर्ण कठोर प्रथा केवल हिंदू मंदिरों पर लागू होती है, किसी अन्य धर्म के धार्मिक स्थलों पर नहीं।
हरियाली तीज : मनचाहे वर और अखंड सौभाग्य की प्राप्ति
हरियाली तीज : प्रति वर्ष श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरियाली तीज का पर्व मनाया जाता है। इस व्रत को विवाहित महिलाएं और कुंवारी लड़कियां, दोनों करती हैं। शास्त्रों के अनुसार, हरियाली तीज व्रत को करने से विवाहित महिलाओं का जीवन खुशियों से भर जाता है और पति को लंबी आयु का आशीर्वाद प्राप्त होता है। वहीं, कुंवारी लड़कियों की शीघ्र शादी के योग बनते हैं।
सनातन धर्म के 16 संस्कार: जन्म से मृत्यु तक जीवन की पवित्र यात्रा
सनातन धर्म के 16 संस्कार जन्म से मृत्यु तक मनुष्य के जीवन को पवित्र बनाते हैं। वेद, उपनिषद, आयुर्वेद और वैज्ञानिक शोध के आधार पर सम्पूर्ण जानकारी।
मृत्यु का रहस्य और शास्त्रों के अनुसार मृत्यु (Death) आने के पूर्व संकेत
मृत्यु सृष्टि का अटल सत्य है, जिसे कोई टाल नहीं सकता। यह केवल जीवन का अंत नहीं, बल्कि एक अनिवार्य सत्य, एक यात्रा, या एक परिवर्तन के रूप में देखा जाता है। सनातन धर्म में मृत्यु (Death) को एक नए जीवन का प्रारंभ माना जाता है। इसे भयभीत होने की बजाय स्वीकार करने और आत्मिक उन्नति के लिए एक अवसर के रूप में देखा जाता है।
केदारनाथ: कैसे जलता है 6 महीने तक अखंड दीपक ? विज्ञान भी हैरान,...
केदारनाथ मंदिर में 6 महीने बंद रहने के बाद भी अखंड दीपक क्यों नहीं बुझता? जानिए इसका आध्यात्मिक रहस्य!
व्रत और उपवास: आध्यात्मिक साधना या स्वास्थ्य का रहस्य ?
क्या व्रत और उपवास सिर्फ धार्मिक प्रथाएं हैं या इनके पीछे छुपे हैं गहरे वैज्ञानिक रहस्य? जानिए वेद, पुराण और आधुनिक विज्ञान की दृष्टि से व्रत के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभ।














