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Thursday, January 8, 2026
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    सनातन-संस्कृति

    सनातन संस्कृति भारत की प्राचीन और शाश्वत जीवनशैली है, जो वेदों, पुराणों, उपनिषदों और धर्मग्रंथों पर आधारित है। यह केवल एक धर्म नहीं, बल्कि एक व्यापक सभ्यता है जो मानवता, धर्म, कर्म, योग, संस्कार, पूजा-पद्धति, तीज-त्योहार, संगीत, नृत्य, और दैनिक जीवन के मूल्यों को समाहित करती है। इस श्रेणी में आप जानेंगे सनातन परंपराओं की वैज्ञानिकता, ऐतिहासिक महत्व और आज के जीवन में उनकी प्रासंगिकता। आइए, मिलकर समझते हैं उस संस्कृति को जिसने न केवल भारत, बल्कि पूरे विश्व को “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना दी।

    महाशिवरात्रि का रहस्य: क्यों इस दिन शिव की पूजा है विशेष ?

    महाशिवरात्रि का रहस्य: क्यों इस दिन शिव की पूजा है विशेष ?

    महाशिवरात्रि आत्मचिंतन, भक्ति और आध्यात्मिक जागरण की रात है। यह शिव-शक्ति के दिव्य मिलन का पर्व है, शिव तत्त्व अनंत, अचल, निर्विकार चेतना का प्रतीक है, और यह रात्रि आत्मसमर्पण द्वारा उस चैतन्य से एकत्व स्थापित करने का अवसर देती है। यह केवल एक पर्व नहीं, बल्कि एक दिव्य संयोग है, जिसमें शिव-तत्त्व की ऊर्जा संपूर्ण ब्रह्मांड में प्रकट होती है।
    गणेश चतुर्थी

    गणेश चतुर्थी 2023: महत्त्व, व्रत, पूजन विधि एवं मंत्र

    गणेश चतुर्थी के पर्व का आध्यात्मिक एवं धार्मिक महत्त्व है। भगवान श्री गणेश जी को विघ्नहर्ता एवम् रिद्धि सिद्धि का दाता कहा जाता हैं।
    Ganesh Chaturthi

    Ganesh Chaturthi 2024 : गणेश चतुर्थी पर इन उपायों से दूर होंगी सभी...

    Ganesh Chaturthi : सनातन संस्कृति में प्रतिवर्ष भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश चतुर्थी का पावन पर्व मनाया जाता हैं। हमारे शास्त्रों के अनुसार इसी दिन रिद्धि सिद्धि के दाता, विध्नहर्ता भगवान श्री गणेश जी का जन्म हुआ था। प्रत्येक शुभ और मांगलिक कार्यों में सर्वप्रथम गणेश जी को पूजा जाता हैं। गणेश जी को प्रथम पूज्य देव कहा गया है। श्री गणेश जी सुख समृद्धि दाता भी है। इनकी कृपा से परिवार पर आने वाले संकट और विध्न दूर हो जाते हैं। 
    Raksha Bandhan 2023

    Raksha Bandhan 2024 : श्रावण पूर्णिमा की तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि।

    रक्षा सूत्र होता तो एक कच्चा धागा लेकिन बंधन अटूट होता है | सबसे मजबूत और शक्तिशाली होता है | बहने अपने भाई से वचन मांगती है अपनी रक्षा का , जिम्मेदारी का और स्नेह का |
    Holi 2025: कब मनाया जाएगा होली का पर्व, जानिए डेट और शुभ मुहूर्त

    Holi 2025: कब मनाया जाएगा होली का पर्व, जानिए डेट और शुभ मुहूर्त

    Holi: होली का त्योहार फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है, होली आध्यात्मिक रूप से अधर्म पर धर्म, असत्य पर सत्य और नकारात्मकता पर सकारात्मकता की विजय का प्रतीक है। यह अहंकार (होलिका) के दहन और भक्ति (प्रह्लाद) की रक्षा का संदेश देती है। रंगों का पर्व जीवन में प्रेम, आनंद और एकता का संचार करता है, जो आत्मा की उच्च चेतना और दिव्यता को दर्शाता है
    Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा की वैज्ञानिक, आध्यात्मिक और ज्योतिषी व्याख्या एवं इसके अद्भुत लाभ

    Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा की वैज्ञानिक, आध्यात्मिक और ज्योतिषी व्याख्या एवं इसके अद्भुत लाभ

    Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा, गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित यह चालीसा 40 छंदों में भगवान हनुमान की स्तुति में लिखा गया एक ऐसा भक्ति स्तोत्र है। यह केवल एक प्रार्थना नहीं है, बल्कि भगवान हनुमानजी की महिमा और उनके गुणों का गान है। इसे न केवल आध्यात्मिक दृष्टिकोण से बल्कि आधुनिक विज्ञान के दृष्टिकोण से भी गहन शोध और अध्ययन से मानसिक और शारीरिक और आध्यात्मिक विकास के लिए भी लाभकारी माना गया है।
    हरियाली अमावस्या

    हरियाली अमावस्या 2024 : धार्मिक महत्त्व

    सनातन धर्म में हरियाली अमावस्या का बहुत महत्व है। हरियाली अमावस्या श्रावण माह के कृष्ण पक्ष में आती है। हरियाली अमावस्या का मुख्य उद्देश्य भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करना है, हरियाली अमावस्या को विशेष रूप से नवग्रह को अनुकूल करने के महत्व के लिए जाना जाता है। हरियाली अमावस्या का धार्मिक महत्व अनेक पुराणों और शास्त्रों में वर्णित है। यह दिन भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना का श्रेष्ठ समय माना जाता है।
    व्रत और उपवास: आध्यात्मिक साधना या स्वास्थ्य का रहस्य ?

    व्रत और उपवास: आध्यात्मिक साधना या स्वास्थ्य का रहस्य ?

    क्या व्रत और उपवास सिर्फ धार्मिक प्रथाएं हैं या इनके पीछे छुपे हैं गहरे वैज्ञानिक रहस्य? जानिए वेद, पुराण और आधुनिक विज्ञान की दृष्टि से व्रत के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभ।
    पुष्कर

    पुष्कर (Pushkar) तीर्थ की अपार महिमा और रहस्य

    सृष्टि के रचयिता ब्रह्मा जी की यज्ञस्थली और ऋषि मुनियों की तपस्थली पुष्कर को तीर्थराज पुष्कर कहा जाता हैं। पुष्कर तीर्थ सब तीर्थों का गुरू कहा जाता हैं। पुष्कर, कुरुक्षेत्र, हरिद्वार,गया और प्रयाग इन पञ्च तीर्थो में पुष्कर को सर्वाधिक पवित्र माना गया है।
    Somvati Amavasya 2024 : सोमवती अमावस्या

    Somvati Amavasya 2024 : सोमवती अमावस्या पर दुर्लभ संयोग में सुख, सौभाग्य में वृद्धि...

    Somvati Amavasya 2024: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सोमवती अमावस्या पर कई मंगलकारी शुभ योग बन रहे हैं। इन योग में भगवान शिव की पूजा करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होगी। सोमवती अमावस्या पर दुर्लभ ध्रुव एवं वृद्धि योग का निर्माण हो रहा है। इसके साथ ही शिववास योग का भी संयोग बन रहा है। सोमवती अमावस्या तिथि पर पितरों का तर्पण करने से पूर्वजों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। वहीं, सुख और सौभाग्य में वृद्धि होती है।

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