Purnima: पूर्णिमा का आध्यात्मिक एवं वैज्ञानिक रहस्य और इसका अद्भुत महत्व
Purnima: पूर्णिमा, या पूर्णिमा का दिन, चंद्र मास की सबसे चमकदार रात होती है। "पूर्णिमा" शब्द संस्कृत के शब्दों "पूर्णोन्नम् (पूर्ण) जिसका अर्थ है पूरा या पूर्ण और "चंद्रमा (चंद्र) जिसका अर्थ है चंद्रमा से उत्पन्न हुआ है। इस दिन, चंद्रमा अपनी पूरी चमक में चमकता है, जो पूर्णता, ज्ञान और समृद्धि का प्रतीक है। पूर्णिमा, चंद्रमास की सबसे चमकदार रात होती है।
हरियाली तीज : मनचाहे वर और अखंड सौभाग्य की प्राप्ति
हरियाली तीज : प्रति वर्ष श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरियाली तीज का पर्व मनाया जाता है। इस व्रत को विवाहित महिलाएं और कुंवारी लड़कियां, दोनों करती हैं। शास्त्रों के अनुसार, हरियाली तीज व्रत को करने से विवाहित महिलाओं का जीवन खुशियों से भर जाता है और पति को लंबी आयु का आशीर्वाद प्राप्त होता है। वहीं, कुंवारी लड़कियों की शीघ्र शादी के योग बनते हैं।
व्रत और उपवास: आध्यात्मिक साधना या स्वास्थ्य का रहस्य ?
क्या व्रत और उपवास सिर्फ धार्मिक प्रथाएं हैं या इनके पीछे छुपे हैं गहरे वैज्ञानिक रहस्य? जानिए वेद, पुराण और आधुनिक विज्ञान की दृष्टि से व्रत के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभ।
हरियाली अमावस्या 2024 : धार्मिक महत्त्व
सनातन धर्म में हरियाली अमावस्या का बहुत महत्व है। हरियाली अमावस्या श्रावण माह के कृष्ण पक्ष में आती है। हरियाली अमावस्या का मुख्य उद्देश्य भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करना है, हरियाली अमावस्या को विशेष रूप से नवग्रह को अनुकूल करने के महत्व के लिए जाना जाता है। हरियाली अमावस्या का धार्मिक महत्व अनेक पुराणों और शास्त्रों में वर्णित है। यह दिन भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना का श्रेष्ठ समय माना जाता है।
महाशिवरात्रि का रहस्य: क्यों इस दिन शिव की पूजा है विशेष ?
महाशिवरात्रि आत्मचिंतन, भक्ति और आध्यात्मिक जागरण की रात है। यह शिव-शक्ति के दिव्य मिलन का पर्व है, शिव तत्त्व अनंत, अचल, निर्विकार चेतना का प्रतीक है, और यह रात्रि आत्मसमर्पण द्वारा उस चैतन्य से एकत्व स्थापित करने का अवसर देती है। यह केवल एक पर्व नहीं, बल्कि एक दिव्य संयोग है, जिसमें शिव-तत्त्व की ऊर्जा संपूर्ण ब्रह्मांड में प्रकट होती है।
Ganesh Chaturthi 2024 : गणेश चतुर्थी पर इन उपायों से दूर होंगी सभी...
Ganesh Chaturthi : सनातन संस्कृति में प्रतिवर्ष भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश चतुर्थी का पावन पर्व मनाया जाता हैं। हमारे शास्त्रों के अनुसार इसी दिन रिद्धि सिद्धि के दाता, विध्नहर्ता भगवान श्री गणेश जी का जन्म हुआ था। प्रत्येक शुभ और मांगलिक कार्यों में सर्वप्रथम गणेश जी को पूजा जाता हैं। गणेश जी को प्रथम पूज्य देव कहा गया है। श्री गणेश जी सुख समृद्धि दाता भी है। इनकी कृपा से परिवार पर आने वाले संकट और विध्न दूर हो जाते हैं।
Somvati Amavasya 2024 : सोमवती अमावस्या पर दुर्लभ संयोग में सुख, सौभाग्य में वृद्धि...
Somvati Amavasya 2024: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सोमवती अमावस्या पर कई मंगलकारी शुभ योग बन रहे हैं। इन योग में भगवान शिव की पूजा करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होगी। सोमवती अमावस्या पर दुर्लभ ध्रुव एवं वृद्धि योग का निर्माण हो रहा है। इसके साथ ही शिववास योग का भी संयोग बन रहा है। सोमवती अमावस्या तिथि पर पितरों का तर्पण करने से पूर्वजों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। वहीं, सुख और सौभाग्य में वृद्धि होती है।
देवशयनी एकादशी 2024 को बन रहे दुर्लभ संयोग, व्रत और पूजा से मिलेगा मनोवांछित...
देवशयनी एकादशी 2024 की पूरी जानकारी। महत्व, दुर्लभ योग, व्रत और पूजा विधि जिससे इच्छित फल की प्राप्ति होती है।












