सनातन धर्म के 16 संस्कार: जन्म से मृत्यु तक जीवन की पवित्र यात्रा
सनातन धर्म के 16 संस्कार जन्म से मृत्यु तक मनुष्य के जीवन को पवित्र बनाते हैं। वेद, उपनिषद, आयुर्वेद और वैज्ञानिक शोध के आधार पर सम्पूर्ण जानकारी।
कावड़ यात्रा: शिवभक्तों की आस्था की सबसे बड़ी तीर्थ यात्रा | Kanwar Yatra 2025
जानिए कावड़ यात्रा का इतिहास, आध्यात्मिक महत्व, वेदों में प्रमाण, गंगाजल की वैज्ञानिक पवित्रता और आधुनिक परिप्रेक्ष्य। शिवभक्तों के लिए एक प्रेरणादायक तीर्थ यात्रा।
व्रत और उपवास: आध्यात्मिक साधना या स्वास्थ्य का रहस्य ?
क्या व्रत और उपवास सिर्फ धार्मिक प्रथाएं हैं या इनके पीछे छुपे हैं गहरे वैज्ञानिक रहस्य? जानिए वेद, पुराण और आधुनिक विज्ञान की दृष्टि से व्रत के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभ।
भारत के प्राचीन तीर्थ – ब्रह्मांडीय ऊर्जा के केंद्र है ये तीर्थ, जानिए रहस्य...
क्या आप जानते हैं कि भारत के प्राचीन तीर्थ केवल धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि ब्रह्मांडीय ऊर्जा (Cosmic Energy) के केंद्र हैं? वेद, पुराण और आधुनिक विज्ञान के प्रमाणों से समझें इनका रहस्य।
कैलाश मानसरोवर: वो रहस्य जो आज तक विज्ञान नहीं सुलझा पाया!
कैलाश मानसरोवर का रहस्य क्या है? जानिए क्यों यह स्थान विज्ञान, धर्म और रहस्यों का केंद्र बना हुआ है।
केदारनाथ: कैसे जलता है 6 महीने तक अखंड दीपक ? विज्ञान भी हैरान,...
केदारनाथ मंदिर में 6 महीने बंद रहने के बाद भी अखंड दीपक क्यों नहीं बुझता? जानिए इसका आध्यात्मिक रहस्य!
आरती का रहस्य: पूजा के बाद आरती क्यों की जाती है ?
भारतीय सनातन संस्कृति में पूजा-पाठ का एक विशेष स्थान है, और आरती इसका एक अनिवार्य अंग मानी जाती है। आरती केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि ईश्वर की उपासना का एक गहरा प्रतीक है। यह न केवल हमारे भक्तिभाव को प्रकट करती है, बल्कि ईश्वर के प्रति श्रद्धा और समर्पण की भी अभिव्यक्ति होती है। आइए समझते हैं कि पूजा के बाद आरती करने का क्या महत्व है।
होली पर करें ये विशेष उपाय, दूर होंगे सभी संकट
होली का त्यौहार रंगों, खुशियों और उत्साह का ही पर्व नहीं है, बल्कि यह एक शक्तिशाली आध्यात्मिक अवसर भी है, जब सकारात्मक ऊर्जा अपने चरम पर होती है और नकारात्मकता को दूर करने का श्रेष्ठ समय होता है। यदि आप जीवन में आर्थिक, पारिवारिक, स्वास्थ्य या किसी अन्य प्रकार के संकटों से जूझ रहे हैं, तो आइए, जानते हैं कि होली के अवसर पर किन उपायों को अपनाकर आप अपने जीवन में सुख, समृद्धि और शांति भी प्राप्त कर सकते हैं
Holi 2025: कब मनाया जाएगा होली का पर्व, जानिए डेट और शुभ मुहूर्त
Holi: होली का त्योहार फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है, होली आध्यात्मिक रूप से अधर्म पर धर्म, असत्य पर सत्य और नकारात्मकता पर सकारात्मकता की विजय का प्रतीक है। यह अहंकार (होलिका) के दहन और भक्ति (प्रह्लाद) की रक्षा का संदेश देती है। रंगों का पर्व जीवन में प्रेम, आनंद और एकता का संचार करता है, जो आत्मा की उच्च चेतना और दिव्यता को दर्शाता है
महाशिवरात्रि का रहस्य: क्यों इस दिन शिव की पूजा है विशेष ?
महाशिवरात्रि आत्मचिंतन, भक्ति और आध्यात्मिक जागरण की रात है। यह शिव-शक्ति के दिव्य मिलन का पर्व है, शिव तत्त्व अनंत, अचल, निर्विकार चेतना का प्रतीक है, और यह रात्रि आत्मसमर्पण द्वारा उस चैतन्य से एकत्व स्थापित करने का अवसर देती है। यह केवल एक पर्व नहीं, बल्कि एक दिव्य संयोग है, जिसमें शिव-तत्त्व की ऊर्जा संपूर्ण ब्रह्मांड में प्रकट होती है।














