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Wednesday, January 7, 2026
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    सनातन-संस्कृति

    सनातन संस्कृति भारत की प्राचीन और शाश्वत जीवनशैली है, जो वेदों, पुराणों, उपनिषदों और धर्मग्रंथों पर आधारित है। यह केवल एक धर्म नहीं, बल्कि एक व्यापक सभ्यता है जो मानवता, धर्म, कर्म, योग, संस्कार, पूजा-पद्धति, तीज-त्योहार, संगीत, नृत्य, और दैनिक जीवन के मूल्यों को समाहित करती है। इस श्रेणी में आप जानेंगे सनातन परंपराओं की वैज्ञानिकता, ऐतिहासिक महत्व और आज के जीवन में उनकी प्रासंगिकता। आइए, मिलकर समझते हैं उस संस्कृति को जिसने न केवल भारत, बल्कि पूरे विश्व को “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना दी।

    महाशिवरात्रि 2025: भगवान शिव को प्रसन्न करने के 10 सरल उपाय

    महाशिवरात्रि 2025: भगवान शिव को प्रसन्न करने के 10 सरल उपाय

    महाशिवरात्रि, भगवान शिव का सबसे पवित्र पर्व ही नहीं, बल्कि आत्मा के शिवत्व से मिलन की एक दिव्य रात्रि है। यह दिन भक्तों के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति से भरपूर होता है। शिवरात्रि की रात्रि केवल बाह्य रूप से जागरण की नहीं, बल्कि आंतरिक रूप से आत्मजागरण की रात्रि है। यह वह समय है जब हम अपने भीतर बसे शिवतत्त्व को पहचानकर, अपनी चित्तवृत्तियों को शांत कर सकते हैं
    मृत्यु का रहस्य और शास्त्रों के अनुसार मृत्यु(Death) आने के पूर्व संकेत

    मृत्यु का रहस्य और शास्त्रों के अनुसार मृत्यु (Death) आने के पूर्व संकेत

    मृत्यु सृष्टि का अटल सत्य है, जिसे कोई टाल नहीं सकता। यह केवल जीवन का अंत नहीं, बल्कि एक अनिवार्य सत्य, एक यात्रा, या एक परिवर्तन के रूप में देखा जाता है। सनातन धर्म में मृत्यु (Death) को एक नए जीवन का प्रारंभ माना जाता है। इसे भयभीत होने की बजाय स्वीकार करने और आत्मिक उन्नति के लिए एक अवसर के रूप में देखा जाता है।
    पुनर्जन्म (Reincarnation) के प्रमाण: क्या वैज्ञानिक शोध भी मानते हैं इसे ?

    पुनर्जन्म (Reincarnation) के प्रमाण: क्या वैज्ञानिक शोध भी मानते हैं इसे ?

    पुनर्जन्म (Reincarnation): पुनर्जन्म की अवधारणा अनादि काल से सनातन धर्म और अन्य आध्यात्मिक परंपराओं का हिस्सा रही है। पुनर्जन्म अर्थात आत्मा का एक शरीर त्यागकर दूसरे शरीर में प्रवेश करना, भारतीय दर्शन और धर्म का एक महत्वपूर्ण सिद्धांत है। लेकिन क्या विज्ञान भी पुनर्जन्म को मानता है? क्या पुनर्जन्म के कोई प्रमाण हैं? सनातन के पोस्ट में, हम पुनर्जन्म से जुड़े वैज्ञानिक शोध, रोचक तथ्य और इसकी सच्चाई को जानेंगे।
    Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा की वैज्ञानिक, आध्यात्मिक और ज्योतिषी व्याख्या एवं इसके अद्भुत लाभ

    Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा की वैज्ञानिक, आध्यात्मिक और ज्योतिषी व्याख्या एवं इसके अद्भुत लाभ

    Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा, गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित यह चालीसा 40 छंदों में भगवान हनुमान की स्तुति में लिखा गया एक ऐसा भक्ति स्तोत्र है। यह केवल एक प्रार्थना नहीं है, बल्कि भगवान हनुमानजी की महिमा और उनके गुणों का गान है। इसे न केवल आध्यात्मिक दृष्टिकोण से बल्कि आधुनिक विज्ञान के दृष्टिकोण से भी गहन शोध और अध्ययन से मानसिक और शारीरिक और आध्यात्मिक विकास के लिए भी लाभकारी माना गया है।
    Sharad Purnima Kheer

    Sharad Purnima Kheer: शरद पूर्णिमा की खीर का वैज्ञानिक और पौराणिक महत्व

    Sharad Purnima Kheer: शरद पूर्णिमा अश्विन माह की पूर्णिमा को मनाई जाती है। यह दिन न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से बल्कि सांस्कृतिक, वैज्ञानिक और पौराणिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। खासतौर पर, शरद पूर्णिमा की रात को खीर बनाने और चांदनी में रखने की परंपरा सदियों से प्रचलित है। आइए जानते हैं कि इस परंपरा का क्या पौराणिक और वैज्ञानिक महत्व है।
    Purnima: पूर्णिमा का आध्यात्मिक एवं वैज्ञानिक रहस्य

    Purnima: पूर्णिमा का आध्यात्मिक एवं वैज्ञानिक रहस्य और इसका अद्भुत महत्व

    Purnima: पूर्णिमा, या पूर्णिमा का दिन, चंद्र मास की सबसे चमकदार रात होती है। "पूर्णिमा" शब्द संस्कृत के शब्दों "पूर्णोन्नम् (पूर्ण) जिसका अर्थ है पूरा या पूर्ण और "चंद्रमा (चंद्र) जिसका अर्थ है चंद्रमा से उत्पन्न हुआ है। इस दिन, चंद्रमा अपनी पूरी चमक में चमकता है, जो पूर्णता, ज्ञान और समृद्धि का प्रतीक है। पूर्णिमा, चंद्रमास की सबसे चमकदार रात होती है।
    Basant Panchami 2025

    Basant Panchami 2025: बसंत पंचमी विद्या और ज्ञान की देवी मां सरस्वती एवं ऋतुराज...

    Basant Panchami 2025: यह शुभ दिन विद्या और ज्ञान की देवी मां सरस्वती को समर्पित है। प्रतिवर्ष माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन मां सरस्वती की पूजा-आराधना की जाती है। देवी भागवत के अनुसार बसंत पंचमी के दिन माता सरस्वती की पूजा करने से बुद्धि और विवेक का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसे बसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक भी माना जाता है।
    Somvati Amavasya 2024 : सोमवती अमावस्या

    Somvati Amavasya 2024 : सोमवती अमावस्या पर दुर्लभ संयोग में सुख, सौभाग्य में वृद्धि...

    Somvati Amavasya 2024: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सोमवती अमावस्या पर कई मंगलकारी शुभ योग बन रहे हैं। इन योग में भगवान शिव की पूजा करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होगी। सोमवती अमावस्या पर दुर्लभ ध्रुव एवं वृद्धि योग का निर्माण हो रहा है। इसके साथ ही शिववास योग का भी संयोग बन रहा है। सोमवती अमावस्या तिथि पर पितरों का तर्पण करने से पूर्वजों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। वहीं, सुख और सौभाग्य में वृद्धि होती है।
    Makar Sankranti: मकर सक्रांति

    Makar Sankranti: मकर सक्रांति का पौराणिक एवं वैज्ञानिक महत्व

    Makar Sankranti: मकर सक्रांति के दिन सूर्य देव धनु राशि को छोड़ कर मकर राशि में प्रवेश करते है। वर्ष में छः माह सूर्य उत्तरायण और छः माह सूर्य दक्षिणायन होता हैं। अतः इस पर्व को उत्तरायण भी कहते हैं। उत्तर भारत में इसे लोहिडी ,पतंगोंत्सव एवं खिचड़ी पर्व भी कहा जाता हैं। दक्षिण में इस त्यौहार को पोंगल के रूप में मनाया जाता हैं। भारत के मध्य में इसे मकर सक्रांति या उत्तरायण भी कहा जाता हैं।
    श्राद्ध पक्ष

    श्राद्ध पक्ष : कैसे करें पूर्वजों को तृप्त और पितृ दोष से पाएं मुक्ति

    सनातन धर्म में पितरों को विशेष महत्व दिया गया है। शास्त्रों के अनुसार बिना पितरों की कृपा के व्यक्ति का उद्धार संभव नहीं है। पितरों को प्रसन्न करने और उनकी आत्मा की शांति के लिए पितृ पक्ष में उनके श्राद्ध व तर्पण करने की परंपरा है। 16 दिन तक चलने वाले श्राद्ध पक्ष का समापन पितृ अमावस्या के दिन किया जाता है।

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